समाज ये जान ले कि मोची समाज को हकिर व गिरा हुवा ना समझा जाए

अस्सलामु अलैकुम रहमतुल्लाहि तआला व बरकातुहू:

हुजुर अलैहीस्सलाम ने खुद अपनी जुतिया ( नालेन मुबारक) बनाई व मरम्मत कि
ताकी समाज ये जान ले कि मोची समाज को हकिर व गिरा हुवा ना समझा जाए

आप सल्लल्लाहु अलैह व सल्लम ने अपनी बेटी गैर हाशमी घरानो मे बियाही ताकी खानदान परस्ती का खात्मा हो और कोई भी खाली नस्ल के एतबार से दुसरो को निचा ना समझे
जबकी आपके सामने हाशमी घराने के अच्छे अच्छे रिश्ते मौजुद थे

आपने अरब के एक मोअज़्ज़ज़ उंचे खानदान कि लङकी हजरत ज़ेनब बिन्ते जहश रज़ियल्लाहु अन्हु का निकाह एक आज़ाद कर्दा गुलाम हजरत ज़ेद बिन हारीस रज़ियल्लाहु अन्हु से करवाया ताकी मालो दौलत कि ऊंचनिच का भेदभाव खत्म हो जाए और कोई बिज़नस मेन ये ना कहे कि हम व्यपारी लोग है बन्धे हुवे नौकरी पेशा को लङकी नही देंगे

हजरत सलमान फारसी रज़ियल्लाहु अन्हु ने हजरत उमर रज़ियल्लाहु अन्हु कि साहबज़ादी से रिश्ता तय किया और हजरत उमर ने कुबुल किया ताकी मुल्क परस्ती का खात्मा हो ये बात और है कि बाद मे वो रिश्ता किसी दुसरी वजह से ना हो पाया

निकाह करो ,,निकाह को आसान करो ज़ात पात को लेकर इन्कार मत करो इस्लाम और अच्छे अख्लाक कि बुनियाद पर रिश्ता करो ,,

अल्लाह पाक हम सबको नेक राह पर चलने की तौफीक अता फरमाए आमीन